उत्तराखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015

प्रदेश में पर्वतीय क्षेत्रों सहित संपूर्ण राज्य के समेकित विकास हेतु औद्योगिक गतिविधियों को और आकर्षक बनाते हुए बढ़ावा देने तथा वर्ष वार रोजगार सृजन के लिए सम्यक विचारोपरांत सूक्ष्म एवं लघु एवं मध्यम उद्यम नीति लागू की गई है | इस नीति में पर्वतीय तथा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए पूर्व से स्वीकृत नीति में प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहनो एवं सुविधाओं को और भी अधिक आकर्षक बनाया गया है |

योजना अंतर्गत अल्मोड़ा के संपूर्ण विभाग को श्रेणी बी के तहत रखा गया है |

1 - निवेश प्रोत्साहन सहायता

क्रं ० श्रेणी प्रोत्साहन सीमा की मात्र / सीमा
1 श्रेणी - बी 35 % ( अधिकतम रू० 35 लाख )

2 - ब्याज उपादान

क्रं ० श्रेणी अनुदान की मात्र / सीमा
1 श्रेणी - बी 8 % ( अधिकतम रू० 6 लाख/प्रतिवर्ष /इकाई )

3 - स्टाम्प शुल्क में छूट

क्रं ० श्रेणी छूट की मात्र / सीमा
1 श्रेणी - बी शत प्रतिशत

4 - विद्युत बिलों की प्रतिपूर्ति

संयोजित विद्युत भार प्रतिपूर्ति की मात्र / सीमा
100 केवीए प्रथम 5 वर्ष के लिए शत प्रतिशत तथा तत्पश्चात ७५ प्रतिशत
100 केवीए से ऊपर 50 प्रतिशत

*यह सुविधा अधिक खपत वाले उधमो यथा : होटल /मोटल/रिसोर्ट ,गेस्ट हाउस, स्टील रोलिंग मिल, विद्युत भट्टी पर लागु नही होगी |


5 - विशेष राज्य परिवहन उपादान

क्रं ० श्रेणी अनुदान की मात्र / सीमा
1 श्रेणी - बी वार्षिक टर्नओवर का 5 प्रतिशत ( अधिकतम रू० 0.05 लाख/प्रतिवर्ष /इकाई )

मूल्य वर्धित कर जीएसटी प्रतिभूति

5 वर्ष तक कुल शुद्ध सीएसटी कर देता जो राज्य के अंदर ग्राहक b2c को विक्रय किया गया हूं का शत प्रतिशत तथा तत्पश्चात से समय तक 75 प्रतिशत की दर से देर होगी ।जीएसटी की प्रतिपूर्ति उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से देरी होगी और इसकी प्रतिपूर्ति अग्रिम आदेशों पर निर्भर रहेगी।