राज्य में शिल्पीयो हेतु पेंशन योजना

राज्य में हस्तशिल्प की प्राचीन धरोहर एवं विभिन्न शिल्पों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रोत्साहन हेतु राज्य सरकार द्वारा शिल्पी पेंशन योजना संचालित की जा रही है | इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के ऐसे शिल्पीयो जो परंपरागत रूप से सिर्फ क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं एवं उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत हस्तशिल्प से प्राप्त आय हैं का सम्मान प्रदान करता है |
  1. 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के ऐसे शिल्पी जो वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे हैं उन्हें ₹400 अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं सम्मान स्वरूप प्रदान किए जाएंगे।शिल्पी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार से संबंधित होना चाहिए।
  2. यदि किसी शिल्पी का पुत्र अथवा पुत्र 20 या उससे अधिक आयु का है किंतु वे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा है तो अभ्यर्थी फिर भी पेंशन हेतु पात्र होगा।
  3. राज्य के विभिन्न जनपदों में सेल्फी यों के चयन हेतु संबंधित जनपद के सहायक प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र के आख्या पर समिति द्वारा श्री पीओ का चयन किया जाएगा।
  4. राज्य के ऐसे शिल्पी जो समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत ₹800 मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से अतिरिक्त ₹400 मासिक शिल्पी पेंशन प्रदान की जाएगी।
  5. शिल्पी पेंशन के अंतर्गत पेंशन का भुगतान त्रैमासिक रूप से बैंक अथवा डाकघर खाते के माध्यम से किया जाएगा ऐसे क्षेत्र जिनमें सीपीएस शाखाएं डाकघर संचालित नहीं है उस स्थिति में शिल्पीयों की पेंशन मनीआर्डर द्वारा प्रेषित की जाएगी।