औधोगिक विकास स्कीम - 2017

भारत सरकार द्वारा औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने हेतु उत्तराखंड राज्य में औद्योगिक इकाइयों के लिए औद्योगिक विकास स्कीम 2017 की घोषणा की गई है यह योजना 1 अप्रैल 2017 से लागू होगी तथा 31 मार्च 2022 तक प्रभावी रहेगी |

  1. जब तक अन्यथा विनिर्दिष्ट नहीं किया जाए उत्तराखंड राज्य में अवस्थित जैव प्रौद्योगिकी तथा 10 मेगा वाट तक जल विद्युत उत्पादन करने वाली इकाइयों सहित विनिर्माण क्षेत्र तथा सेवा क्षेत्र की सभी नई औद्योगिक इकाइयां और पर्याप्त विस्तार करने वाली मौजूदा औद्योगिक इकाइयां इस स्कीम के अंतर्गत प्रोत्साहन हेतु पात्र होंगी।
  2. यह स्कीम अनुबंध एक में सूचीबद्ध उद्योगों के संबंध में लागू नहीं होगी।
  3. सभी पात्र औद्योगिक इकाइयां इस स्कीम को एक अथवा अधिक घटकों से प्राप्त करने की पात्र होंगी चाहे ऐसी इकाइयां भारत सरकार की अन्य स्कीमों के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रही हों।
  4. पात्र औद्योगिक इकाइयों को निम्नलिखित प्रोत्साहन प्रतिपूर्ति आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे-
    1. ऋण प्राप्त करने के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन सी सी आई आई ए सी उत्तराखंड राज्य में विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र की कहीं पर भी अवस्थित सभी पात्र नहीं उद्योग इकाइयों और पर्याप्त विस्तार करने वाली विद्यमान औद्योगिक इकाइयों को ऋण के लिए सीआईआई 5 करोड़ रुपए की ऊपरी सीमा के साथ संयंत्र एवं मशीनरी में बात निवेश के 30% के हिसाब से केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
    2. केंद्रीय व्यापक बीमा राज सहायता सीसीआईआई- उत्तराखंड में राज्य में किसी भी स्थान पर अवस्थित सभी पात्र नहीं उद्योग इकाइयों और पर्याप्त विस्तार करने वाली विद्यमान औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से 5 वर्ष की अधिकतम अवधि के लिए भवन परिसर तथा संयंत्र एवं मशीनरी के बीमा पर 100% बीमा प्रीमियम की प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगी।